Shiv Hi Base Hai Kan Kan Mein : शिव ही बसे है
शिव ही बसे हैं कण-कण में, केदार हो या काशी। द्वादश ज्योतिर्लिंग हैं, हर दिशा में है कैलाशी। शिव ही बसे हैं कण-कण में, केदार हो या काशी।। प्रभु राम भी करें हैं पूजा, जिनके रामेश्वर कहलाए। कृष्ण प्रेम में नाचे भोले, गोपेश्वर बन जाए। अमलेश्वर, घुश्मेश्वर शंकर, भीमाशंकर अविनाशी। द्वादश ज्योतिर्लिंग हैं, हर दिशा … Read more